रेमंड के पूर्व मालिक आज रहते है एक किराये के माकन में कभी थे 1200 करोड़

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रेमंड के मशहूर कारोबारी और संस्थापक विजयपत सिंघानिया ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में अपने बेटे गौतम सिंघानिया के तलाक समझौते को लेकर पारिवारिक झगड़े के बारे में कुछ खुलासे किये. 

रेमंड कंपनी ग्रुप के एमडी गौतम सिंघानिया और उनकी पत्नी नवाज मोदी सिंघानिया के बिच चल रहे पारिवारिक कलह अकसर सुर्खियों में बना रहता है. इसी बात पर विजयपत सिंघानिया ने खुल कर बात की और अपने बेटे को “सब कुछ” देने पर दुख जताया.

रेमंड ग्रुप की स्थापना करने वाले विजयपत सिंघानिया ने कहा की इंसान को सिर्फ उतना ही कमाना चाहिए जितना उसके जीवन के लिए पर्याप्त हो अगर आप अपने बच्चो के लिए कमाता है तो क्या पता वो आपको रखे या नहीं अपने दुख को बताते हुए वो आगे कहते है कि कैसे उन्हें अपने बेटे को सब कुछ देने की मूर्खतापूर्ण गलती का पछतावा है. गौतम सिंघानिया ने पहले कंपनी से कुछ हिंसा देने की बात कही थी लेकिन बाद में हिस्सा देने से भी पीछे हट गया. 

बिजनेस टुडे के साथ हुए अपने एक इंटरव्यू में पूर्व कपड़ा दिग्गज ने कहा आज मेरे पास कोई व्यवसाय नहीं है. पहले मुझे कंपनी का कुछ हिस्से देने के लिए सहमत हुए थे लेकिन निश्चित रूप से वे पीछे हट गए. आज मेरे पास कुछ नहीं है. जो कुछ मेरे पास बचा हुआ है उसी से में अपना जीवन का गुजरा करता हु. अगर मेरे पास कुछ पैसा नहीं होता तो आज में सड़क पर आ जाता.  

रेमंड ग्रुप के संस्थापक विजयपत सिंघानिया कौन हैं?

विजयपत सिंघानिया रेमंड ग्रुप के संस्थापक है. सन 1980 में विजयपत सिंघानि के पिता कैलाश सिंघानिया ने इस कंपनी की बागदौड दी थी और अपनी जिम्मेदारी को बखूभी निभाते हुआ रेमंड कंपनी को एक नई दिशा दी और इस कंपनी को बहोत बड़ा बनाया. 

विजयपत सिंघानिया की उम्र लगभग 85 वर्ष है और वह एक सफल व्यवसायी है और पूर्व कपड़ा उद्योगपति हैं, जिन्होंने कंपनी की शुरुआत महज एक छोटी कपड़ा मिल के रूप में की थी और आज यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी सूट निर्माता कंपनिये में से एक है.

विजयपत सिंघानिया को अपने पूरे करियर में कई सम्मान मिले हैं जिसमे से उन्हें पद्म भूषण से भी नवाजा गया था. यह समान भारत का तीसरा सबसे बड़ा समान है. 

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इससे पहले, सिंघानिया अपने दो बेटों, मधुपति सिंघानिया और गौतम सिंघानिया के बीच कंपनी के बंटवारे को लेकर परेशान थे. हालाँकि, मधुपति ने परिवार में अंदरूनी कलह के कारण अपनी संपत्ति और रेमंड में अपने शेयर त्याग दिए और सिंघानिया परिवार से सभी संबंध तोड़ दिए.

2016 में सिंघानिया ने कंपनी के शेयर अपने बेटे गौतम को सौंपने का फैसला किया. शायद ये उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी. उन शेयरों की कीमत लगभग 1000 करोड़ रुपये थी. उसके बाद से ही दोनों का रिश्ता सुधरने की बजाय और बिगड़ने लगा. 

अब, परिवार में एक और पारिवारिक झगड़ा छिड़ गया है क्योंकि गौतम सिंघानिया और उनसे अलग हो चुकी पत्नी नवाज मोदी तलाक के मामले में उलझे हुए हैं. उसकी बेटियों को अपनी कुल संपत्ति का 75 प्रतिशत देने की मांग की.


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